मेरठ की प्रतिभाशाली ओलिंपियन धाविका और भारतीय एथलेटिक्स की चमकती हुई स्टार पारुल चौधरी ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर शानदार प्रदर्शन करते हुए देश का नाम ऊँचा कर दिया है. फ्रांस के नीस शहर में आयोजित प्रतिष्ठित “मीटिंग निकाइया-2026” में उन्होंने महिलाओं की 5000 मीटर दौड़ में जबरदस्त रफ्तार दिखाते हुए अपना ही राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ दिया.
इस मुकाबले में पारुल ने 15 मिनट 04.26 सेकंड का समय निकालकर दूसरा स्थान हासिल किया. उनका यह प्रदर्शन इसलिए भी खास रहा क्योंकि उन्होंने 2023 में बनाए गए अपने ही पुराने राष्ट्रीय रिकॉर्ड 15:10.35 को एक बार फिर पीछे छोड़ दिया. पूरे रेस के दौरान वह शुरुआती लैप से ही लीड ग्रुप में बनी रहीं और आखिरी तक स्वर्ण पदक की दौड़ को बेहद रोमांचक बनाए रखा.
हालांकि स्वर्ण पदक इथियोपिया की बेरेका सेनिया मोहम्मद ने बेहद मामूली अंतर के साथ अपने नाम किया. उन्होंने 15 मिनट 03.85 सेकंड का समय लेकर नया मीट रिकॉर्ड भी स्थापित किया. वहीं फ्रांस की एलेसिया जार्बो तीसरे स्थान पर रहीं और उन्होंने 15 मिनट 16.83 सेकंड का समय दर्ज किया.
पारुल चौधरी का यह प्रदर्शन उनके करियर की निरंतर प्रगति को भी दर्शाता है. साल 2023 में उन्होंने अमेरिका के लॉस एंजिलिस में 15:10.35 का समय निकालकर राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया था, जो उस समय 13 साल पुराने रिकॉर्ड को तोड़ने वाला ऐतिहासिक पल था. अब उन्होंने उसी रिकॉर्ड में लगभग 6 सेकंड का सुधार कर भारतीय महिला लंबी दूरी दौड़ में नया मानक स्थापित कर दिया है.
यह 2026 सीजन में उनका पहला 5000 मीटर इवेंट था. इससे पहले उन्होंने शंघाई डायमंड लीग में 3000 मीटर स्टीपलचेज में भी हिस्सा लिया था, जहां वह राष्ट्रीय रिकॉर्ड के बेहद करीब पहुंचकर थोड़े अंतर से चूक गई थीं.
एशियाई स्तर पर भी पारुल पहले ही अपनी मजबूत पहचान बना चुकी हैं. वे हांगझोउ एशियन गेम्स 2023 में 5000 मीटर स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं, जबकि 3000 मीटर स्टीपलचेज में उन्होंने रजत पदक अपने नाम किया था. खास बात यह है कि उनके नाम 5000 मीटर के साथ-साथ 3000 मीटर (8:57.19) और 3000 मीटर स्टीपलचेज (9:12.46) के भी राष्ट्रीय रिकॉर्ड दर्ज हैं.
फ्रांस में उनका यह नया प्रदर्शन 2026 एशियाई खेलों के लिए तय क्वालिफिकेशन मानक 15:36.58 से काफी बेहतर है, जिससे उनकी दावेदारी और भी मजबूत हो गई है. लगातार बेहतर होती फॉर्म के साथ पारुल अब भारत की सबसे भरोसेमंद लंबी दूरी की धाविकाओं में गिनी जा रही हैं और अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक्स में उनकी पहचान लगातार मजबूत हो रही है.